तत्कालीन एएसपी लखन पटले और तत्कालीन सीएसपी दीपक मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस की 5 टीमें हर पहलुओं पर जाँच का नतीजा आरोपियों को मिली आजीवन कारावास…
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने युवती काजल मसंद को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया था क्योंकि वे उसकी आबरू लूटने में असफल हो गए थे, इस मामले में आरोपियों का वहशीपन भी सामने आया…
200 से अधिक लोगों से पूछताछ, साइबर सेल के साथ एक टीम इलाके के सैकडो सीसीटीवी फुटेज की चेक…
रायगढ़:-एडिशनल एसपी लखन पटले एवं सीएसपी दीपक मिश्रा ने बताया कि 14 जून की दोपहर पुलिस को सूचना मिली थी कि स्वास्तिक विहार कॉलोनी के एक मकान में युवती की संदेहास्पद लाश मिली है, जिसकी सूचना पर पुलिस टीम, डॉग स्क्वाड, साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंचीं। मौके का मौका मुआयना कर पुलिस ने इस संबंध में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने स्निफर डॉग को घटनास्थल की स्मैल लेकर छोड़ा जो मृतका के मकान से गंध लेकर उसके घर के पीछे खाली पड़े अटल आवास होते हुए फुलवारीपारा के आगे श्मशान की ओर गया। इसके बाद पुलिस की एक टीम फुलवारीपारा के आसपास रहने वाले संदिग्धों से मौत के सदमे के चलते कुछ बताने की स्थिति में नहीं थी। काजल तीन सगी बहनों की शादी हो गई है मृतका उसकी मां को प्रतिदिन उसके कार्यस्थल सुबह छोड़ने जाती है और वापस घर में आकर अकेली रहती थी।
इधर, पुलिस टीम ने काजल के आने का समय चेक कर सीसीटीवी खंगाला, साइबर सेल की टीम ने मृतका के मोबाइल का लास्ट लोकेशन लिया जो फुलवारीपारा की ओर जाकर बंद होना पाया गया। इसके बाद एएसपी ने पुलिस की एक और टीम को इस ओर संदिग्धों से पूछताछ के लिए लगाया।
पुलिस ने हर तरफ खंगाला…
इस मामले में लगी पुलिस की एक दूसरी टीम ने मृतिका के दोस्तों, परिजनों उसके कार्यस्थल सहारा इंडिया के सदस्यों, मृतका के घर आसपास काम करने वाले लोगों, संपर्क में आए ऑटो चालक, आस-पड़ोस के लोगों से मजदूरों, चौकीदार से लगातार पूछताछ की। इसी बीच पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। मृतका और उसके परिजनों के मोबाइल चेक किया गया तो सभी मोबाइल फोन एक ही Gmail से रहे थे उस Gmail का बैकअप लिया गया, जिसमें पुलिस के हाथ घटना के बाद मृतका की ली गई तस्वीर पुलिस को प्रा हुई जो कि घटनास्थल से कुछ अलग थी।
काजल पर पहले से थी नजर…
पूछताछ में आरोपी रामभरोसे ने पुलिस को बताया कि पॉक्सो एक्ट के अपराध में जेल से रिहा होने के बाद फुलवारीपारा में रह रहा था और उसका वहीं की एक लड़की से प्रेम संबंध भी था, लड़की सर्किट हाउस की तरफ घरों में मजदूरी का काम करने जाती थी, जो रास्ता काजल मसंद के घर के बगल से होकर जाता है। वहीं, पास में एक आम के पेड़ के नीचे वह अपने दोस्त मित्रभानु सोनवानी और गोपाल साहू के साथ अक्सर मिलता और बैठक करता था। ये तीनों काजल मसंद पर बुरी नजर रखते थे। उन्हें पता था कि काजल के घर कोई पुरुष नहीं है, मां-बेटी अकेली रहती हैं। 14 जून की सुबह से तीनों ने शराब पी और सुबह काजल को उसकी मां को स्कूटी पर छोड़ कर घर आते देखा था। जब ये तीनों काजल के घर पास थे तब काजल को घर के बाहर मोबाइल पर बात करते देखा था। काजल के कमरे के अंदर घुसने के बाद तीनों का को देखने गए। खिड़की से झांक कर देखा तो काजल मोबाइल पर बात करते हुए बिस्तर पर लेटकर कुछ लिख रही थी।
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