भ्रष्टाचार की जांच की मांग:-जनपद सदस्य अशोक कुमार पटेल ने ग्राम पंचायत मड़कडी के निर्माण कार्यों में घोर अनियमितता का उठाया मुद्दा…

खबर शेयर करे।।

बिलाईगढ़:-जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के क्षेत्र क्रमांक 03 के जनपद सदस्य श्री अशोक कुमार पटेल ने ग्राम पंचायत मड़कडी में हुए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने 15वें वित्त आयोग और मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के अंतर्गत वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के बीच संपन्न हुए कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए, संबंधित सचिव के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत का आधार और मांग…

श्री पटेल द्वारा 12 जून 2025 को जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत मड़कडी में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्षों के दौरान जो निर्माण कार्य मनरेगा और वित्त आयोग की निधियों से कराए गए हैं, उनमें नियमों की अनदेखी, तकनीकी मानकों की उपेक्षा, और वित्तीय भ्रष्टाचार की बू आती है।

पत्र में उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो दोषी सचिव से राशि वसूल की जाए और उसके विरुद्ध विभागीय/कानूनी कार्यवाही की जाए।

सम्बंधित अधिकारियों को भेजी गई प्रति…

जनपद सदस्य श्री पटेल ने यह पत्र केवल मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ही नहीं, बल्कि इसे शासन एवं प्रशासन के अन्य उच्चाधिकारियों को भी अग्रेषित किया है, जिनमें शामिल हैं:
1. माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
2. जिला कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़
3. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलाईगढ़
4. जनपद पंचायत अध्यक्ष, बिलाईगढ़

इससे स्पष्ट होता है कि श्री पटेल इस मामले को केवल एक पंचायत स्तर की समस्या नहीं मानते, बल्कि इसे व्यापक प्रशासनिक विफलता के रूप में देखते हैं, जिस पर शासन को भी संज्ञान लेना चाहिए।

पारदर्शिता की मांग और जनप्रतिनिधि की भूमिका…

जनप्रतिनिधि के रूप में श्री अशोक कुमार पटेल का यह कदम लोकतांत्रिक प्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाता है। उनका यह कहना है कि “जब योजनाएं जनता के हित के लिए बनाई जाती हैं, और जब उनमें भ्रष्टाचार होता है, तो केवल धन का नुकसान नहीं होता, बल्कि जनता का भरोसा भी टूटता है।”

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई ग्रामीणों ने भी मौखिक एवं लिखित शिकायतें की हैं, जिनमें यह कहा गया कि कार्यों के निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है, कई स्थानों पर कार्य केवल कागजों में ही हुए हैं, और श्रमिकों को भी पूरा भुगतान नहीं मिला।

आगे की रणनीति…

श्री पटेल ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जल्द ही इस मामले में जांच नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन, जन सुनवाई या RTI (सूचना का अधिकार अधिनियम) के तहत शिकायत दर्ज करवाने जैसे वैकल्पिक कदम भी उठा सकते हैं।

उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा की है कि राज्य सरकार की “गांव की सरकार” की भावना के अनुरूप, पंचायत स्तर पर पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन का पक्ष…

फिलहाल इस मुद्दे पर जनपद पंचायत बिलाईगढ़ अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो यह मामला बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की ओर जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत अधिकारी और शासन-प्रशासन के बीच एक विश्वासपूर्ण एवं उत्तरदायी संवाद बना रहे। श्री अशोक कुमार पटेल द्वारा उठाया गया यह मुद्दा एक उदाहरण है कि कैसे स्थानीय स्तर पर जनता के हितों की रक्षा के लिए जागरूक जनप्रतिनिधि अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है और दोषियों के विरुद्ध किस प्रकार की कार्रवाई करता है। यदि शिकायत सही साबित होती है तो यह न केवल पंचायत मड़कडी के लिए एक चेतावनी होगी, बल्कि पूरे जिले के लिए पंचायती राज व्यवस्था की मजबूती का संकेत भी।

WhatsApp Image 2024-12-29 at 14.32.07_afb4a18e
WhatsApp Image 2024-12-29 at 14.32.06_4e1d3938
error: Content is protected !!
BREAKING