बिलाईगढ़-“स्वच्छता ही सेवा है” के इस भाव को आत्मसात करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार पवनी शाखा ने एक अनुकरणीय पहल की शुरुआत की है। अब हर रविवार नगर के सार्वजनिक स्थलों, तालाबों और देवालयों की नियमित साफ-सफाई की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल नगर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाना है, बल्कि समाज में जागरूकता का संचार कर स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी है।रविवार को इस अभियान की शुरुआत नगर के ऐतिहासिक बंधुवा तालाब और देवालय परिसर से की गई। अभियान के पहले ही दिन लगभग 40 से अधिक स्वयंसेवक व परिजनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। गायत्री परिवार के सदस्यों ने हाथों में झाड़ू, फावड़े, टोकरी, और कचरा एकत्र करने के साधन लेकर सुबह 7 बजे से ही कार्य प्रारंभ कर दिया। दो घंटे तक चले इस अभियान में तालाब के आस-पास फैले प्लास्टिक, गंदगी, और कचरे को हटाकर परिसर को स्वच्छ बनाया गया।
आध्यात्मिकता और सामाजिकता का सुंदर संगम…
गायत्री परिवार का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के कल्याण और राष्ट्र निर्माण से भी गहराई से जुड़ी है। संगठन के श्री लोकेश साहू ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई नहीं, यह एक संस्कार है। जब हम अपने घर की तरह नगर को भी अपना मानेंगे, तभी असली स्वराज और स्वच्छ भारत का सपना साकार होगा।उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने सदैव “युग निर्माण” का संदेश दिया, जिसमें स्वच्छता, नैतिकता और सेवा को समाज परिवर्तन के तीन प्रमुख स्तंभ बताया गया है। उसी प्रेरणा से पवनी शाखा ने यह कार्य आरंभ किया है।
जनभागीदारी पर दिया जा रहा जोर…
अभियान की विशेषता यह रही कि इसमें केवल गायत्री परिवार के सदस्य ही नहीं, बल्कि आम नागरिक,विद्यार्थी और व्यापारी वर्ग के लोग भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने नगरवासियों से अपील की कि वे रविवार के स्वच्छता दिवस में सम्मिलित हों और अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी खुद लें।
पहले दिन की गतिविधियाँ…
अभियान की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना और गायत्री मंत्र के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित स्वयंसेवकों को छोटे-छोटे समूहों में बाँटा गया। एक दल ने तालाब के किनारों की सफाई की, दूसरे दल ने देवालय परिसर की साफ सफाई किया।अभियान के दौरान कुछ स्वयंसेवकों ने नागरिकों को जागरूक करने के लिए ‘स्वच्छता ही सेवा’, ‘कचरा डिब्बे में डालें’ और ‘तालाब हमारी धरोहर है’ जैसे नारे लगाकर जनचेतना का संदेश दिया।
भविष्य की योजना…
गायत्री परिवार ने बताया कि यह अभियान केवल एक बार का आयोजन नहीं है, बल्कि अब इसे निरंतर चलाया जाएगा। हर रविवार अलग-अलग सार्वजनिक स्थल चुने जाएंगे, जैसे स्कूल परिसर, तालाब किनारा, बस स्टैंड, स्कूल मैदान और धार्मिक स्थल आदि।संगठन की युवा इकाई ‘युवा प्रकोष्ठ’ इस अभियान को संचालन और प्रसार की जिम्मेदारी संभालेगी।इसके अतिरिक्त, अगले चरण में बच्चों और विद्यार्थियों के बीच ‘स्वच्छता शपथ अभियान’ भी चलाने की योजना है, जिससे नई पीढ़ी को स्वच्छता के संस्कार मिल सकें।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहल…
स्वच्छता अभियान के साथ-साथ गायत्री परिवार ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण को भी अपने कार्यक्रम में शामिल किया है। संयोजक मंडल ने बताया कि पूर्व में स्थानीय मुक्तिधाम में 51पौधे लगाये गये थे जो बड़े हो गये है आने वाले समय मे तालाब किनारे पेड़ लगाने की योजना है।
तालाब हमारा जीवन स्रोत है। इसे स्वच्छ और हरा-भरा रखना हमारा कर्तव्य है।
जनजागरण का स्वरूप लेता अभियान…
पहले दिन की सफलता से उत्साहित गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने निर्णय लिया कि आगामी रविवार को नगर के बस स्टैंड और प्रमुख बाजार क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर लोगों को प्लास्टिक उपयोग में कमी और कचरा प्रबंधन की जानकारी भी दी जाएगी।
संगठन का लक्ष्य है कि आने वाले छह महीनों में पवनी के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थल स्वच्छ और व्यवस्थित हो जाएँ।
लोगों में बढ़ी जागरूकता…
अभियान की चर्चा नगरभर में रही। लोग सोशल मीडिया पर भी इस पहल की सराहना करते नजर आए। कई नागरिकों ने पोस्ट साझा कर लिखा
गायत्री परिवार का यह कदम हमारे समाज के लिए प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो बदलाव संभव है।
कई दुकानदारों ने भी वादा किया कि वे अपने-अपने दुकानों के सामने रोज सफाई रखेंगे और कचरा डिब्बे में ही डालेंगे।
अंत में सामूहिक संकल्प…
अभियान के समापन पर सभी उपस्थित स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से शपथ ली हम स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे, नगर की सुंदरता को बनाए रखेंगे, और हर रविवार समाज सेवा में भाग लेंगे।
गायत्री परिवार के वरिष्ठ सदस्य श्री अरुण कुमार साहू ने कहा किहमारा लक्ष्य केवल गंदगी हटाना नहीं है, बल्कि लोगों के मन से भी नकारात्मकता मिटाना है। स्वच्छता बाहर की ही नहीं, अंदर की भी आवश्यक है।
गायत्री परिवार की यह पहल निश्चित रूप से पवनी जैसे नगर के लिए प्रेरणास्रोत है। जब समाज स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाता है, तब प्रशासन का काम भी सरल हो जाता है।एक कदम स्वच्छता की ओर के इस भाव को लेकर अब पवनी में हर रविवार समाजसेवा का पर्व मनाया जाएगा,जहां झाड़ू के साथ-साथ आत्मीयता, सहयोग और संस्कार का संगम दिखाई देगा।
यह अभियान न केवल सफाई का कार्य है, बल्कि यह एक सामाजिक जागृति का आंदोलन बनता जा रहा है, जो आने वाले समय में पवनी को स्वच्छ, सुंदर और संस्कारी नगर के रूप में पहचान दिला सकता है।आज के स्वक्छता अभियान में प्रमुख रूप से कवंल साहू,वेदप्रकाश साहू (शिक्षक),प्रशांत साहू, भागवत साहू, राहुल साहू, श्रीमती सविता साहू, यशोदा साहू, लक्ष्मीनसाहू,कौशल्या साहू, छाया साहू, रुचि साहू आदि शामिल रहे।

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